जैसे सरताज मैं भी वैसी हूँप्रीत तो वो हैं मैं तो प्रीती हूँदिल को सरताज कर लिया मैं नेआप को हार उन को जीती हूँऔर कोई भी रंग जँचता नहींजब से सरताज रंग रंगी हूँनज़्म सरताज ने सिखाई औरशाह बुल्ले से इश्क़ सीखी हूँ— Pritesh Bunker