जानता हूँ तेरी अब तलब कुछ नहीं
मैं तेरा ख़्वाब था लेकिन अब कुछ नहीं
जब ये बादल न थे यूँ समझता था मैं
बस सितारे ही हैं और शब कुछ नहीं
आप ही मुझ को रस्ते पे लाए थे और
आप ही कह गए आगे अब कुछ नहीं
वो अगर पूछ ले क्या हुआ है मुझे
बोल देना उसे आप सब कुछ नहीं
कुछ नया इस
में 'रजनीश' क्या है बता
जब परेशाँ है तू और सबब कुछ नहीं
— Rajnishwar Chauhan 'Rajnish'















