किबला ए मोहतरम आप के शहर में
लूट गए आज हम आप के शहर में
आप खोने लगे आप को ढूँढ़ कर
खोने लग जाए हम आप के शहर में
साँस तेज़ी से चलने लगी है मेरी
रुक गए है कदम आप के शहर में
तितलियाँ रास्तों में बनाती रही
खुश्बुओं के कदम आप के शहर में
— Rashida Maheen Malik















