महफ़िल हमारी यारी है
तुझ से ज़ियादा प्यारी है
सैलाबों से जा कर कहो
लड़ने की मेरी बारी है
वादे वफ़ा इश्क़ आशिक़ी
लगता है सब मक्कारी है
— Rizwan Khoja "Kalp"
तुझ से ज़ियादा प्यारी है
सैलाबों से जा कर कहो
लड़ने की मेरी बारी है
वादे वफ़ा इश्क़ आशिक़ी
लगता है सब मक्कारी है
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