"उम्मीद एक रास्ता"

आँखों में कुछ सपने ले कर
उम्मीदों के साथ चलो तुम
उम्मीदों पर दुनिया क़ायम
मन में ये विश्वास रखो तुम

रस्ता मुश्किल हो सकता है
घोर अँधेरा हो सकता है
लेकिन तुम को बढ़ना होगा
अँधियारों से लड़ना होगा

साहस थोड़ा और लगेगा
तन थोड़ा सा और जलेगा
बदलेगा फिर मंज़र सारा
कश्ती होगी और किनारा

रात जो थी अब बीत गई है
चीर अँधेरा सुब्ह हुई है
आँसू संदेशा ले आए
तुम ने मंज़िल हासिल की है

— Rupesh Rahi

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