किसी से प्यार करके देख लो जी
हसीं इक़रार करके देख लो जी
दवा है या मरज़ क्या है मुहब्बत
निगाहें चार करके देख लो जी
हमेशा जी-हुज़ूरी ठीक है क्या
कभी इनकार करके देख लो जी
बहुत है फ़ाइदा आवारगी में
धुआँ घर-बार करके देख लो जी
सनम हैं सर्दियों की धूप जैसी
ज़रा दीदार करके देख लो जी
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