उम्र भर साथ निभाने की क़सम टूट गई
ज़िन्दगी साथ बिताने की क़सम टूट गई
भूल जाऊँगा तुझे वा'दा किया था मैं ने
क्या करूँ तुझ को भुलाने की क़सम टूट गई
बोल अब तेरी सुनूँ दिल की सुनूँ या रब की
ऐसे में सारे ज़माने की क़सम टूट गई
सारथी आ ही गया फिर से तेरी बातों में
तेरी बातों में न आने की क़सम टूट गई
— Saarthi Baidyanath















