मैं लम्हा लम्हा सदी में शुमार करता रहूँ

तू आ भी जाए तेरा इंतिज़ार करता रहूँ

— Saarthi Baidyanath

Saarthi Baidyanath की और रचनाएँ

इसी क़लम से और sher

Saarthi Baidyanath की सभी रचनाएँ देखें →

Intezaar Shayari

intezaar के शेर।

सभी Intezaar Shayari शायरी →

मिलते-जुलते शायर

उसी अंदाज़ की आवाज़ें

मूड से ब्राउज़ करें

एहसास के अनुसार शायरी