कितना बदल गया हूँ मैं
मर के भी जी रहा हूँ मैं
मुझ में तो दाग़ दिखते हैं
लगता है आइना हूँ मैं
तुम से भी और ख़ुद से भी
दुनिया से लापता हूँ मैं
जिस राह पे अभी हो तुम
उस से गुज़र चुका हूँ मैं
उस को लगा हूँ भूलने
मतलब सुधर गया हूँ मैं
कहने को कुछ नहीं है अब
कहना था कह चुका हूँ मैं
— Sachin Yadav 'seenu'















