आज कुछ तो ठानी है
बात उस ने मानी है
थाम लेता मैं उस को
ये उसे बतानी है
दिल मेरा नहीं टूटा
बात ये भुलानी है
हौले से उसे छू के
प्यास इक बुझानी है
कोहसार लब चुप हैं
ख़ामोशी सुनानी है
— sahllucknowi
बात उस ने मानी है
थाम लेता मैं उस को
ये उसे बतानी है
दिल मेरा नहीं टूटा
बात ये भुलानी है
हौले से उसे छू के
प्यास इक बुझानी है
कोहसार लब चुप हैं
ख़ामोशी सुनानी है
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