अब ख़त्म हुआ दौर ये कॉलेज से हमारा
होना है जुदा हम को बड़े शौक़ से यारा
अश्कों से निगाहों को यहाँ तर भी करेंगे
पर हो न सकेंगी ये मुलाक़ात दुबारा
आँखों में उमंगे भी उदासी भी दिखेगी
पर दिख न सकेगा कभी यारों का नज़ारा
— salman khan "samar"
होना है जुदा हम को बड़े शौक़ से यारा
अश्कों से निगाहों को यहाँ तर भी करेंगे
पर हो न सकेंगी ये मुलाक़ात दुबारा
आँखों में उमंगे भी उदासी भी दिखेगी
पर दिख न सकेगा कभी यारों का नज़ारा
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