@salmank078613
salman khan "samar" shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in salman khan "samar"'s shayari and don't forget to save your favorite ones.
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इन आँखों में भटकन होगी
जब तब हम में अनबन होगी
मैं थोड़ा ज़ियादा सुलझा हूँ
तुम को थोड़ी उलझन होगी
हम ढूँढते रहे किसी चेहरे में ख़ुद को पर
चेहरे तमाम छुप गए चेहरों के दरमियाँ
सावन के बरसते ही जहाँ फूल खिलेंगे
क्यूँ तोड़ लूँ पतझड़ में दरख़्तों की वो शाखें
मैंने ख़राब कर ली तिरे वास्ते ये उम्र
बस उँगलियों पे गिन सकूँ इतनी है ज़िंदगी
इक दूसरे के साथ हैं फिर क्यूँ हैं इतने दूर
हम साथ हैं तो साथ में लगने भी चाहिए
नवंबर में ही क्यूँ मेरा मुक़द्दर रूठ जाता है
जनमदिन आते ही मेरी जो खो बैठी सभी ख़ुशियाँ
सहमे हुए लफ़्ज़ों से कभी इश्क़ न करना
सहमी हुई आवाज़ में बोले है तिरी याद
मरने के लिए रोज़ नई करता हूँ कोशिश
पर रोज़ मिरे पाँव को रोके है तिरी याद
हाथों में दबा लूँ के निगाहों में छुपा लूँ
दुनिया के सभी कोनों से गूँजे है तिरी याद