लिखना होगा मुझ को जब भी दंगों परमैं लिक्खूँगा सत्ता के भिखमंगों परहो सरहद पर जब भी रिपु से जंग यहाँमैं भेजूँ नेताओं को भी जंगों पर— Sandeep dabral 'sendy'