चाँदनी शब, नदी, शिकारा है
साथ हमदम है क्या नज़ारा है
बिन तेरे ज़िन्दगी तो क्या जीना
साँस लेना नहीं गवारा है
बात करता न देखता है जो
लोग कहते हैं वो हमारा है
साथ दो दिल हँसी ख़ुशी रह लें
ये ज़माने को कब गवारा है
— Sapna Jain
साथ हमदम है क्या नज़ारा है
बिन तेरे ज़िन्दगी तो क्या जीना
साँस लेना नहीं गवारा है
बात करता न देखता है जो
लोग कहते हैं वो हमारा है
साथ दो दिल हँसी ख़ुशी रह लें
ये ज़माने को कब गवारा है
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