
पहले ख़ुद को बर्बाद किया फिर दीवाना मशहूर हुआ
तुझ पर ग़ज़लें कह कह कर ही इक अंजाना मशहूर हुआ
पहचान बनानी हो इश्क़ से तो सब कुछ ही खोना पड़ता है
परवाना जलना सीख गया तब परवाना मशहूर हुआ
— Shahanwaz Ansari
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