मेरी बर्बाद मोहब्बत की कहानी लिखना
मेरे हिस्से में फ़क़त आँख का पानी लिखना
बे-वफ़ा कहना उसे इतना भी आसान नहीं
यार बस मुझ को ही तुम दुश्मन-ए-जानी लिखना
उम्र भर मैं ने मुहब्बत के सिवा कुछ न किया
मेरे हिस्से में भी इक परियों की रानी लिखना
मेरे आँसू भी तो सच्चे नहीं लगते तुम को
तुम कहानी, मेरी बर्बाद जवानी लिखना
अब तो बदनामी का डर मुझ को नहीं है शाकिर
तुम मुहब्बत की वही रीत पुरानी लिखना
— Shakir Sheikh















