ख़ूब जब बदनाम की सिगरेट मैं नेएक तेरे नाम की सिगरेट मैं नेछोड़ते हर रोज़ फिर हर रोज़ पीतेलो जला ली शाम की सिगरेट मैं ने— Shantanu Sharma