@shantanusharma
Shantanu Sharma shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Shantanu Sharma's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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दुनिया की आबादी में काफ़ी अकेले रह गए हम
इक तुम्हारे साथ थे फिर भी अकेले रह गए हम
पहली मुहब्बत की ख़ुशी लाएँ कहाँ से
दोबारा अब तुम जैसी ही लाएँ कहाँ से
तुम तो चलो दुख के बहाने साथ भी हो
और फिर हितैषी भी कोई लाएँ कहाँ से
बिगाड़ो मुझे अब सही से बचा भी नहीं हूँ
यूँ तो फिर कभी मैं किसी पर जचा भी नहीं हूँ
भरी दुनिया में हैं कलाकार ढेरों मगर फिर
कभी बनके मेंहदी किसी पर रचा भी नहीं हूँ
ज़िंदा था मैं तो कभी तब देखने आए मुझे
मर गया था मै तभी सब देखने आए मुझे
रोता था मैं हर दफ़ा बस जिनसे मिलने के लिए
जा चुका था मैं सभी जब देखने आए मुझे
वो आँखें जो सब बातों पे नम हो जाती थीं
बस उन आँखों ख़ातिर सिगरेट कम हो जाती थीं
धुँआ सिगरेट का थोड़ा बहुत पलता रहा मुझमें
कई दिन रात उसका ख़्वाब बस जलता रहा मुझमें
गया वो बाँध कर अपनी सभी यादें मगर फिर भी
कई मुद्दत वही चेहरा कहीं चलता रहा मुझमें
गरीबी में मुझे अच्छी समझ आई
अकेले रह बड़ी जल्दी समझ आई
नहीं आई समझ कोई मुझे पर जब
लगा दिल तब सही लड़की समझ आई
मुहब्बत में कई सारी नहीं जानी
ख़ुदा की ये कलाकारी नहीं जानी
नहीं होता उसे मुझपर भरोसा क्यों
कहा हर रोज़ पर प्यारी नहीं जानी
चाँद फिर सूरत बदल के आसमाँ में आ चढ़ेगा
राह देखेगा कही जब भूख से बेहाल कोई
ख़ूब जब बदनाम की सिगरेट मैंने
एक तेरे नाम की सिगरेट मैंने
छोड़ते हर रोज़ फिर हर रोज़ पीते
लो जला ली शाम की सिगरेट मैंने
घर की सब जिम्मेदारी उस के ही काँधे पर हैं
फिर भी उस की आँखों में दो ही चहरे रहते हैं
अब तो सुनने को बस उसकी बातें काफ़ी हैं
मेरे रोने को अब बस ये रातें काफ़ी हैं
हम जो मरते थे बस उस से मिलने की ख़ातिर
अब मरने को दो रातें कुछ बातें काफ़ी हैं
उस दिन जो मैंने उसकी बस आधी सी बात नहीं मानी
उस दिन से फिर उसने मेरी कोई भी बात नहीं मानी
मेरी चाहत मेरा मान नहीं रखती
अब ये क़िस्मत मेरा ध्यान नहीं रखती
यूँ तो रखती है सब से मेरी यारी
पर अब सब के आगे जान नहीं रखती