Shantanu Sharma

Shantanu Sharma

@shantanusharma

Shantanu Sharma shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Shantanu Sharma's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
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Sher

दुनिया की आबादी में काफ़ी अकेले रह गए हम इक तुम्हारे साथ थे फिर भी अकेले रह गए हम — Shantanu Sharma
एक मुफ़्लिस की कहानी का कलाकार मर गया मेरी कहानी का कलाकार — Shantanu Sharma
वो आँखें जो सब बातों पे नम हो जाती थीं बस उन आँखों ख़ातिर सिगरेट कम हो जाती थीं — Shantanu Sharma
चाँद‌ फिर सूरत बदल के‌ आसमाँ में आ चढ़ेगा राह देखेगा कही जब भूख से बेहाल कोई — Shantanu Sharma
कुछ न तेरा कुछ न मेरा रात है बस एक तू मैं और हाँ बरसात है बस — Shantanu Sharma
घर की सब जिम्मेदारी उस के ही काँधे पर हैं फिर भी उस की आँखों में दो ही चहरे रहते हैं — Shantanu Sharma
थी ख़्वाहिशें तुझ से बहुत सारी मुझे थी ज़िंदगी तू कुछ बहुत प्यारी मुझे — Shantanu Sharma
ज़िंदगी जीने का बिल्कुल मन नहीं है पास मेरे जो मेरा बचपन नहीं है — Shantanu Sharma
बड़ा आसान था तेरे लिए कहना रहो तुम साथ या फिर दूर मुझ सेे क्या — Shantanu Sharma
जो मुझे मिलना कभी तो चुप न रहना शांत लोगों से मुझे है ख़ौफ़ थोड़ा — Shantanu Sharma
उस दिन जो मैं ने उस की बस आधी सी बात नहीं मानी उस दिन से फिर उस ने मेरी कोई भी बात नहीं मानी — Shantanu Sharma

Ghazal

तेरे घर के ज़रा आगे जली सिगरेट न जाने फिर कहाँ कितनी चली सिगरेट कभी ग़म में कभी यारी में चल जाती न जाने कितनी तो घर में पली सिगरेट तुझे जाते समय भी बोला था मैं ने कि तेरे बा'द जो पी सब ख़ाली सिगरेट तेरी सूरत किसी दिन याद आई तो इन्हीं हाथों में रक्खी और मली सिगरेट कभी खींची कभी फेंकी कभी बाँटी मेरे अंदर बहुत फूली फली सिगरेट तुझे ग़ैरों की छत गलियाँ मुबारक हों मुझे तो बस मुबारक हो गली सिगरेट न तस्वीरें न वो बातें न कोई और तेरी ख़ातिर बहुत तड़पी भली सिगरेट अभी तक पीते हो तो छोड़ भी दो अब तुम्हारे तो रगों-जाँ में ढली सिगरेट नहीं कोई तुम्हारा 'शांतनु' पर फिर तुम्हारे तो गले लग कर चली सिगरेट — Shantanu Sharma