tan se jab tak saans ka rishta rahega | तन से जब तक साँस का रिश्ता रहेगा

  - Shariq Kaifi

तन से जब तक साँस का रिश्ता रहेगा
मेरे अश्कों में तिरा हिस्सा रहेगा

दूर तक कोई शनासा हो नहीं हो
भीड़ में अच्छा मगर लगता रहेगा

ऐसे छुटकारा नहीं देना है उस को
मैं अगर मर जाऊँ तो कैसा रहेगा

तय तो है अलगाव बस ये सोचना है
कौन सी रुत में ये दुख अच्छा रहेगा

ख़ुद से मेरी सुल्ह मुमकिन ही नहीं है
जब तलक इस घर में आईना रहेगा

यूँ तो अब बिस्तर है और बीमार लेकिन
साँस लेने में मज़ा आता रहेगा

मैं ने कितने दिन किसी को याद रक्खा
वो भी क्यूँ मेरे लिए रोता रहेगा

  - Shariq Kaifi

Romance Shayari

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