"नज़्म"इक बरस और कट गया 'शारिक़'रोज़ साँसों की जंग लड़ते हुएसब को अपने ख़िलाफ़ करते हुएयार को भूलने से डरते हुएऔर सब से बड़ा कमाल है येसाँसें लेने से दिल नहीं भरताअब भी मरने को जी नहीं करता— Shariq Kaifi