अपनी औक़ात पर उतर आए
यार भी घात पर उतर आए
पहले मेरा हुनर खँगाला और
फिर मेरी ज़ात पर उतर आए
रंग कच्चे थे सारे तितली के
सो मेरे हाथ पर उतर आए
मैं दलीलों से बात करता हूँ
आप आयात पर उतर आए
— Shaukat Fehmi
यार भी घात पर उतर आए
पहले मेरा हुनर खँगाला और
फिर मेरी ज़ात पर उतर आए
रंग कच्चे थे सारे तितली के
सो मेरे हाथ पर उतर आए
मैं दलीलों से बात करता हूँ
आप आयात पर उतर आए
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