हूँ मैं नाशाद तो नाशाद सही
दिल है बर्बाद तो बर्बाद सही
क्या हुआ तेरी वफ़ा साथ नहीं
है ये उफ़्ताद तो उफ़्ताद सही
क्या करूँ इश्क़ है तुझ से मेरी जान
है तू शद्दाद तो शद्दाद सही
मरने तक क़ैद रहेगी तेरी याद
तू है आज़ाद तो आज़ाद सही
कुछ वजह चाहिए जीने के लिए
तू नहीं दिल में तेरी याद सही
— Shivang Tiwari















