बहुत कठिन है मगर फिर भी चल के देखूँगामैं एक बार तो घर से निकल के देखूँगातवील अर्से से मंज़िल नहीं मिली तो क्याहदफ़ वही है मैं रस्ता बदल के देखूँगा— Shivang Tiwari