रब की क़स
में खाने वाले रब नहीं है
रोज़ दर पर जाने वाले रब नहीं है
कर के हम ने देखे हैं ये भी जतन सब
नाम को दोहराने वाले रब नहीं है
मय चढाते हैं चढ़ाएँ आप लेकिन
कहते हैं मय-ख़ाने वाले रब नहीं है
तेरे क़िस्से सुनने में अच्छे हैं लेकिन
दुनिया को बहकाने वाले रब नहीं है
देखे हैं हम ने ग़रीबों पर हुए ज़ुल्म
बारहा समझाने वाले रब नहीं है
— Subhash Ehsaas















