ऐसा भी तो हो सकता था
वो मेरा हो तो सकता था
उस ने ही तो मुझे सँभाला
वर्ना मैं भी खो सकता था
हाथ छुड़ा कर जाने वाला
बाहों में भी सो सकता था
मैं ने खोया भी तो उस को
वो जो मेरा हो सकता था
तुम पहले मिलते तो कहते
मैं क्या था क्या हो सकता था
— Sumit Yadav
वो मेरा हो तो सकता था
उस ने ही तो मुझे सँभाला
वर्ना मैं भी खो सकता था
हाथ छुड़ा कर जाने वाला
बाहों में भी सो सकता था
मैं ने खोया भी तो उस को
वो जो मेरा हो सकता था
तुम पहले मिलते तो कहते
मैं क्या था क्या हो सकता था
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