मैं ने भी गर रोज़ यही सब करना है
फिर मेरी ख़ाली जेब किस ने भरना है
कौन तिरे जाने से यूँ रोता रहता
देख तिरे जाने से मैं ने मरना है
कोई तो उस को भी समझाओ यारों
जिस से सारी रातें बातें करना है
दूर नहीं जाना उस की मजबूरी थी
पास भी रहना है घर से भी डरना है
कोई ले कर आए इश्क़ का पैमाना
अब उस को मैं ने आँसू से भरना है
— Surya Tiwari















