वो दूर मुझ सेे जब हुआ रो कर नहीं हुआतो मैं भी इंतिज़ार में पत्थर नहीं हुआदुनिया को ज़हर पी के बचाओ तो बात हैबस भांग पी के कोई भी शंकर नहीं हुआ— Tanoj Dadhich