रोने के बा'द मुस्कुराया हूँ
मैं उदासी को बेच आया हूँ
अब तो ये जंग ख़त्म कर दो तुम
दोस्त अब तो मैं फूल लाया हूँ
आज मरने का दिल हुआ मेरा
आज को कल पे टाल आया हूँ
— ABhishek Parashar
मैं उदासी को बेच आया हूँ
अब तो ये जंग ख़त्म कर दो तुम
दोस्त अब तो मैं फूल लाया हूँ
आज मरने का दिल हुआ मेरा
आज को कल पे टाल आया हूँ
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