तुम्हें इतना ज़ियादा चाहता हूँ
कि होना फ़िर से बच्चा चाहता हूँ
बता दूँगा मगर तुम पूछ लेना
कि तुम से जान मैं क्या चाहता हूँ
मुझे गर तुम इजाज़त दो मोहब्बत
तुम्हारे साथ करना चाहता हूँ
तुम्हें ता-उम्र अपनी जान कह कर
तुम्हारे साथ रहना चाहता हूँ
पकड़ कर हाथ तेरा ज़िंदगी भर
तुम्हारे साथ चलना चाहता हूँ
मुझे ख़ुद भी नहीं मालूम जानाँ
तुम्हें क्यूँँ और कितना चाहता हूँ
कई दिन से नहीं रोया कि आ कर
गले लग जान रोना चाहता हूँ
मिले ग़म से मुझे छुटकारा इतना
मोहब्बत में इज़ाफ़ा चाहता हूँ
ज़माने से मिले जो ज़ख़्म मुझ को
सभी को जान भरना चाहता हूँ
नहीं है ज़िंदगी से अब मोहब्बत
कि मैं तो रोज़ मरना चाहता हूँ
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