yaad se ab us ki raahat chahta hai | याद से अब उस की राहत चाहता है

  - ABhishek Parashar

याद से अब उस की राहत चाहता है
मेरा दिल भी अब रफ़ाक़त चाहता है

हाँ करो कोई मोहब्बत अब मुझे भी
मेरा दिल भी अब मरम्मत चाहता है

हो मुलाक़ातें मोहब्बत में किसी से
मेरा दिल भी यार उलफ़त चाहता है

'इश्क़ की तुम को इज़ाजत है मगर दिल
लड़की दिल से ख़ूबसूरत चाहता है

है भला कैसी क़यामत यार लड़की
दिल जो था मसरूफ़ फ़ुर्सत चाहता है

चाहता हूँ मैं मोहब्बत हो किसी से
दिल मोहब्बत से ही फ़ुर्क़त चाहता है

ख़्वाब को कोई हक़ीक़त में बदल दे
मेरा दिल भी अब मसर्रत चाहता है

कैदस उसकी ज़मानत कब मिलेगी
मेरा दिल भी तो ज़ियारत चाहता है

  - ABhishek Parashar

Sazaa Shayari

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