सुकूँ से मैं नहीं सोया कि पागल हूँकभी कुछ भी नहीं खोया कि पागल हूँमुझे वो छोड़ कर जिस दिन गई यारोंतभी से मैं नहीं रोया कि पागल हूँ— ABhishek Parashar