laut aane ka kabhi tumne kiya tha vaa'da | लौट आने का कभी तुमने किया था वा'दा

  - Aakash Giri

लौट आने का कभी तुमने किया था वा'दा
तुम मगर झूठे थे झूठा था तुम्हारा वा'दा

शर्त इतनी है अगर तुम सेे जुदा होकर भी
काटनी ज़ीस्त है तो काट मैं दूँगा वा'दा

हैं समझदार तो फिर सोच समझकर मुझ सेे
आपको गर कोई करना हो तो करना वा'दा

दिल में कोई भी तेरे बाद ना आने पाए
इसलिए इस
में लगा दूँगा मैं ताला वा'दा

आपके साथ जवानी तो जवानी है फिर
आपके साथ गुजारूँगा बुढ़ापा वा'दा

कुछ भी हो जाए भरोसा ही नहीं करना तुम
आए करने वो अगर तुम सेे दुबारा वा'दा

होना चाहो तो किसी और की तुम हो जाओ
पर हमेशा ही रहूँगा मैं तुम्हारा वा'दा

  - Aakash Giri

Promise Shayari

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