tum gar nahin to kya hua maail hain aur bhi | तुम गर नहीं तो क्या हुआ माइल हैं और भी

  - Haider Khan

तुम गर नहीं तो क्या हुआ माइल हैं और भी
मेरी हर एक बात के क़ाइल हैं और भी

कब तक कोई सुनेगा तुम्हारी ये दास्ताँ
हर शख़्स के यहाँ पे मसाइल हैं और भी

तुम चार क़दम साथ सफ़र कर के थक गए
इस 'इश्क़ में अभी तो मराहिल हैं और भी

हमने समझ लिया था इरादा फ़िराक़ का
तुमने कहा था जब तेरे काबिल हैं और भी

जब जब चला हूँ राह मैं तेरी तो यूँं लगा
तुझ सेे भी पहले पाने को मंज़िल हैं और भी

  - Haider Khan

Valentine Shayari

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