ख़्वाब को हम भी हक़ीक़त मान लेते
सब बुजुर्गों की नसीहत मान लेते
यूँ कहानी है लिखी किरदार पर ही
हर लड़ाई को वसीयत मान लेते
ग़म नहीं है ज़िंदगी में बोझ अपना
कर्म को ही हम 'अक़ीदत मान लेते
डर जहाँ में आदमी की जान लेता
साँस लेना है मुसीबत मान लेते
— Vinod Ganeshpure















