कभी मिलेंगे तो ये कर्ज़ भी उतारेंगे
तुम्हारे चेहरे को पहरों तलक निहारेंगे
ये क्या सितम कि खिलाड़ी बदल दिया उस ने
हम इस उमीद पे बैठे थे हम ही हारेंगे
हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के
बदन तो चू
मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
— Vikram Gaur Vairagi
तुम्हारे चेहरे को पहरों तलक निहारेंगे
ये क्या सितम कि खिलाड़ी बदल दिया उस ने
हम इस उमीद पे बैठे थे हम ही हारेंगे
हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के
बदन तो चू
मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
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