तेरे आगे है सब तुझको दिखाई दे रहा है
तेरा ग़म ख़ुद-ब-ख़ुद मुझको रिहाई दे रहा है
मेरे सीने पे सर रक्खा है तो ख़ामोश मत रह
मुझे बतला तुझे जो भी सुनाई दे रहा है
तेरी ग़लती है ये हरगिज़ नहीं है तेरी ग़लती
तेरी ग़लती है तू उस पर सफाई दे रहा है
अँधेरा वो कि जिस
में देखना मुमकिन नहीं है
मगर फिर भी अँधेरा क्यूँँ दिखाई दे रहा है
मुझे पूछे बिना मुझ सेे मुहब्बत कर रहा है
मरज़ जाने बिना मुझको दवाई दे रहा है
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