दिल का दामन रग-ए-बारीक से बाँधा हुआ है
ग़ौर कर लीजे अगर ठीक से बाँधा हुआ है
एक आँसू कहीं गिरता है तो काँप उठता हूँ
आसमाँ भी इसी तकनीक से बाँधा हुआ है
उसके पाँओं ने बड़ी दूर का वा'दा करके
दिल-ए-उम्मीद को नज़दीक से बाँधा हुआ है
वो सितमगर भी इसी भीड़ में है जिसने 'कुमार'
शहर को शहर की तहरीक से बाँधा हुआ है
Our suggestion based on your choice
As you were reading Shayari by Vipul Kumar
our suggestion based on Vipul Kumar
As you were reading Emotional Shayari Shayari