उम्र गुज़री उस का चेहरा देखते
और जी लेते तो दुनिया देखते
उस के बा'द आँखों के रेशे कट गए
हम ने इक दिन उस को देखा देखते
पानियों को पानियों से ख़ौफ़ था
वर्ना इन आँखों से दरिया देखते
— Vipul Kumar
और जी लेते तो दुनिया देखते
उस के बा'द आँखों के रेशे कट गए
हम ने इक दिन उस को देखा देखते
पानियों को पानियों से ख़ौफ़ था
वर्ना इन आँखों से दरिया देखते
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