Devansh gupta

Devansh gupta

@Devansh

Devansh gupta shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Devansh gupta's shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

4

Content

27

Likes

106

Shayari
Audios
  • Sher
  • Nazm

Sher

हम सब कितने उस की नज़रों में होंगे वो किस को कितनी नज़रों बा'द मिलेगी — Devansh gupta
हम ने उलफ़त समझा उस चाहत को बस जो उस ने मुझ सेे यारी के ख़ातिर की — Devansh gupta
मिल कर जो तू ने मुझ सेे मुझ को है जो बदनाम किया ऐसा कर के तू ने ख़ुद से ख़ुद का है नुक़सान किया — Devansh gupta
तुम आज फ़ितूर समझ कर रख लो मुझ को मैं कल नूर बिखेरूँगा तेरे ख़ातिर — Devansh gupta
इक उस ने ही मुझ को अपना सब समझा पहले कुछ समझा फिर मुझ को रब समझा — Devansh gupta
कानों में झुमके माथे में बिंदिया आँखों में काजल कुछ इतना ही देखा था मैं ने बस उस के चेहरे में — Devansh gupta
इक रोज़ उसी ने मुझ सेे प्रेम किया था इक रोज़ उसी ने तड़पाया मुझ को है — Devansh gupta
लगता है इल्म नहीं हैं उन को मेरी चाहत का अब ख़त लिखना ही होगा मुझ को इश्क़ जताने के ख़ातिर — Devansh gupta
अपने कुछ तो लम्हे होंगे जो बस सिर्फ़ हमारे होंगे — Devansh gupta
तुम मुझ को मेरे अपने नईं लगते हो तुम सेे छल की ही आस लगी रहती है — Devansh gupta
ख़ुद से ख़ुद को साबित करने के ख़ातिर हाँ मैं ख़ुद से ख़ुद ही को मार रहा हूँ — Devansh gupta
तुम मुझ को इतना दीवाना मत समझो मेरी जानाँ मैं कोई ताज नहीं बनवाने वाला तेरे ख़ातिर — Devansh gupta
कल तक मैं जो सब कहता था वो क़िस्मत ने आज दिया है — Devansh gupta
उस की आँखें भूल गईं दीदार मिरा जैसे यार कभी मैं उस का था ही नईं — Devansh gupta
बस दो ही कारण थे जो तुम मुझ को भूले नईं भूले इक बस तेरा दिल इक तेरे होंठो के नीचे का तिल — Devansh gupta
कहते है जंग , जुआ और इक मोहब्बत ये तीन बस तबाही देकर जाती है — Devansh gupta
इल्म नहीं है मुझ को मेरी चाहत का तब ही लोग मुझे दीवाना नईं कहते — Devansh gupta
अब तुम सेे इश्क़ नहीं करना बस दो पल बातें करनी है — Devansh gupta
माना ज़र्रा ज़र्रा टूटा हूँ उस की यादों में मैं कोई केवल आशिक़ बोले मुझ को ये मंज़ूर नहीं — Devansh gupta

Nazm