@Devansh
Devansh gupta shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Devansh gupta's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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तुम मुझको इतना दीवाना मत समझो मेरी जानाँ
मैं कोई ताज नहीं बनवाने वाला तेरे ख़ातिर
मिलकर जो तूने मुझसे मुझको है जो बदनाम किया
ऐसा करके तूने ख़ुद से ख़ुद का है नुकसान किया
बस दो ही कारण थे जो तुम मुझको भूले नईं भूले
इक बस तेरा दिल इक तेरे होंठो के नीचे का तिल
कानों में झुमके माथे में बिंदिया आँखो में काजल
कुछ इतना ही देखा था मैंने बस उसके चेहरे में
लगता है इल्म नहीं हैं उनको मेरी चाहत का अब
ख़त लिखना ही होगा मुझको इश्क़ जताने के ख़ातिर
माना ज़र्रा ज़र्रा टूटा हूँ उसकी यादों में मैं
कोई केवल आशिक़ बोले मुझको ये मंजूर नहीं
हम नेक करेंगे तुमसे पूछेंगे नइँ
हम स्नेह करेंगे तुमसे रूठेंगे नइँ
तुम रखना याद फकत मेरी चाहत को
हम बस अब इश्क़ करेंगे टूटेंगे नइँ