@Prashantwords
prashant chourase shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in prashant chourase's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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है ग़ज़ल में पहले मतला और मक़्ता बाद में
यानी उसका नाम पहले और मेरा बाद में
ये मेरे बस की नहीं है बात तेरा दोस्त बनना
तू मुहब्बत थी मुहब्बत है मुहब्बत ही रहेगी
बस अपनी रूह को आराम देने के लिए हम ने
न जाने कितने दर छोड़े हैं कितने जिस्म छाने हैं
जो दिन में छटपताए तो पिता का दर्द समझे
दो रुपए ख़ुद कमाए तो पिता का दर्द समझे
उड़ाता वो धुएँ को ख़ुद ही बादल हो गया आशिक़
दुआ करता रहा फिर सच मे पागल हो गया आशिक़
वफ़ा कर के मुहब्बत में मिला ही क्या बताऊँ मैं
उसी का ज़िक्र फिर से और घायल हो गया आशिक़
हमारा हाल हम दोनों को है मालूम लेकिन दोस्त
वो कहती है मैं अच्छी हूँ मैं कहता हूँ मैं अच्छा हूँ
कभी तू भी तो जाँ मिरा ख़्याल कर
मैं ज़िन्दा हूँ या मर गया सवाल कर
नहीं हुआ किसी का मैं मलाल है
तू भी नहीं हुआ मिरा मलाल कर
मुझे पहले समझ फिर कोई अंदाज़ा लगा दोस्त
नहीं समझा तो खुद के आगे आईना लगा दोस्त
बड़ी रफ़्तार से निकला है मेरे दिल से इक शख़्स
नहीं वापस वो आने वाला दरवाज़ा लगा दोस्त
मुहब्बत रास आ जाए हमें ये सोचकर हम ने
जिसे भी चाहा है पहली मुहब्बत की तरह चाहा