@Vineet_Dehlvi
Vineet Kumar shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Vineet Kumar's shayari and don't forget to save your favorite ones.
Followers
1
Content
37
Likes
94
मुद्दतों बाद लौट कर आई
मेरी तनहाई फिर उभर आई
कौन सी बात याद आई मुझे
बैठे बैठे ही ऑंख भर आई
जंग में हाथ रोक लेते हैं
लब पे हर बात रोक लेते हैं
करने को कर लें हम भी इश्क़ मगर
घर के हालात रोक लेते हैं
मेरे महबूब का जब जब मुझे दीदार होता है
ख़ुदा ही जानता है कैसे दिल पे वार होता है
सादगी देख के हुए पागल
सादगी देख के मोहब्बत की
सादगी ने ही फिर फँसाया हमें
सादगी ने ही फ़िर हिफ़ाज़त की
ख़ुदी को सताता रहा हूँ मैं
उसे दिल में लाता रहा हूँ मैं
मुझे वो भुलाता चला गया
जिसे याद आता रहा हूँ मैं
इश्क़ की राह दूर हो जैसे
सब ख़ुदा का कुसूर हो जैसे
उनकी मासूमियत की क्या कहिए
बुत में कोई गुरुर हो जैसे
बेकली, ग़म, दर्द इन सबकी तुम्हीं बुनियाद हो
मैं तुम्हे भूला नहीं हूँ हाँ मुझे तुम याद हो
तेरी यादों से जानाँ अब कभी दूरी नहीं हो सकती
तू दिल की वो कमी है जो कभी पूरी नहीं हो सकती
अब भला क्यूँ चुप रहें हम
दर्द और कितना सहें हम
चार दिन की दिल्लगी को
अब मोहब्बत क्यूं कहें हम