@piyush_nishchal
Piyush Nishchal shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Piyush Nishchal's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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साहिब-ए-मसनद ज़रा आवाम की भी फ़िक्र कर लो
जान ले लेगी किसी दिन ये तुम्हारी हाकिमिय्यत
बचपन जवानी फिर मुहब्बत से गुज़र कर इस घड़ी
ऐ क़ब्र आँखें खोल आए हैं तिरे दहलीज़ पे
नदी दरख़्त चाँद ये सितारे सब जहाँ में हैं
मगर मुझे तुम्हारा चेहरा देखना सुकूँ दिया
फूल से जब-जब भी बातें होती है
मेरा चेहरा तब शगुफ़्ता होता है
इश्क़ के मैदान में सब मिलते हैं
और सबके साथ धोखा होता है
सिखाया था जिसे मैंने मुहब्बत में वफ़ा करना
वो लड़की इश्क़ में अब ख़ुद को फ़रज़ाना समझती है
तुम्हारे होंठ पर इक तिल को देखा तो लगा मुझको
कि इसको पढ़के तेरे इश्क़ में नायाब हो जाऊँ
तेरी चाहत में बर्बादी का कारण बस इतना-सा है
मुझको ये तेरे गजरा औ' काजल ने बर्बाद किया है
शराबी हूँ मगर ख़याल रहता है मुझे कि हाँ
शराब के नशे में भी तुम्हें हसीन कहना है
यक़ीं मानो कि वो अब भी मुहब्बत करती है मुझसे
यक़ीं ये भी करो यारा कि मैं अब झूठ कहता हूँ
हम हिज्र में भी ख़ुश हैं पर दीवार-ओ-दर में रहते हैं
हम शहरयार-ए-ग़म ख़ुदा की हर नज़र में रहते हैं
हम लोग अब इक-दूसरे से मुख़्तलिफ़ होकर हैं ख़ुश
वो अपने घर में रहती है हम अपने घर में रहते हैं
तेरी आँखों का सताया हूँ बिखर जाने दे
मैं कभी लौट न पाऊँगा कि मर जाने दे
तेरी चौखट से मिरे ख़ून की बू आएगी
क्या कहूँ अब कि यही सच है मगर जाने दे
यकायक मरना है तो ख़ुद-कुशी कर लो
अगर क़िस्तों में तो फिर दिल्लगी कर लो
नहीं मरना है ज़िंदा भी नहीं रहना
मिरी मानो तो तुम फिर मयकशी कर लो