Rudransh Trigunayat

Rudransh Trigunayat

@rudranshtrigunayat

Rudransh Trigunayat shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Rudransh Trigunayat's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

बातें नहीं करनी मुझे यार फिर भी उस शख़्स ने बातों में उलझा रखा है — Rudransh Trigunayat
मुझे ये डर सताता है, कहीं तुम खो न दो मुझ को मैं जो उठ कर चला जाता हूँ तो वापस नहीं आता — Rudransh Trigunayat
ज़रूरत ही नचाती है भरी महफ़िल में उस को वो जो मासूम कुछ दिन और पढ़ना चाहती है — Rudransh Trigunayat
दस्त सींचा हाथ से इक पेड़ पर फल है नहीं अब तुम्हें हम क्या बताएँ क्या परेशानी हुई — Rudransh Trigunayat
नींद आती नहीं मुझे शब भर देख लेते मुझे वो गर पल भर — Rudransh Trigunayat
यादें किसी भी डगर से जाती नहीं भूले बहुत कुछ मगर ये जाती नहीं — Rudransh Trigunayat
मैं ख़ुश हूँ कम से कम वो साथ है मेरे अमाँ सब कुछ उसे पाना नहीं होता — Rudransh Trigunayat
मैं हूँ नाकाम लड़का और फिर नाकाम भी इतना न मैं ने नौकरी पाई न वो सहमत हुई मुझ सेे — Rudransh Trigunayat
चूम लें होंठ तुम्हारे कितना मुश्किल है चाँद को पास बुलाने जितना मुश्किल है — Rudransh Trigunayat
यार उस के क़ीमती तोहफ़े तो लाए थे बहुत मैं बरेली का था मैं ने ला के झुमका दे दिया — Rudransh Trigunayat
जवानी में चमक है वो बुढ़ापे का सहारा है ख़ुदी को देखता जिस में वही बेटा हमारा है — Rudransh Trigunayat
ये दुनिया है कहेगी कुछ उसे कच्चा समझती है कि सौतेली अगर है भी प' माँ बच्चा समझती है — Rudransh Trigunayat
काँटों की महफ़िल में, हम फूल कहाँ जाएँगे तेरी उस चाहत को, हम भूल कहाँ पाएँगे — Rudransh Trigunayat

Ghazal