हिन्दी
0
हिन्दी
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Leaderboard
Login
0
Home
Explore
Submit
Library
Profile
Top 10 of
Dr Bhagyashree Joshi
SHER
आरिज़ों को चूमने की ताक में रहता है हर दम
तेरा दिलवाया हुआ झुमका भी तेरे हू-ब-हू है
Dr Bhagyashree Joshi
10
SHER
उठा कर सर कहूँ सब से मैं हूँ उस देश की वासी
बुलंदी के निशाँ छोड़े हैं जिस ने चाँद पर अपने
Dr Bhagyashree Joshi
9
SHER
दर्द को अपने छुपाता शा'इरी ग़ज़लों में जो
आह में भी वाह सुनता सच में वो शहबाज़ है
Dr Bhagyashree Joshi
8
SHER
चूमता है वो हज़ारों फूल हर दिन बाग़ में
हर कली को फिर भी उस भँवरे से उल्फ़त है बहुत
Dr Bhagyashree Joshi
7
GHAZAL
रुख़्सती के दिन चुकाना होगा जुर्माना सनम
इक दफ़ा देना पड़ेगा फिर से ये शाना सनम
Dr Bhagyashree Joshi
6
SHER
मौत आने पर बदलती, रूह अपना पैरहन
क्या पता था रूह मुझ को, छोड़ देगी जीते जी
Dr Bhagyashree Joshi
5
SHER
ज़िन्दगी का कोई पल जब मुझ को बरहम सा लगा
दोस्त बन कर तब मेरे तू दिल पे मरहम सा लगा
Dr Bhagyashree Joshi
4
GHAZAL
लकीर-ए-ज़िन्दगी का रंग हाथों में हिनाई है
हाँ शायद इस लिए ये मौत तुझ को छू न पाई है
Dr Bhagyashree Joshi
3
SHER
जो नदी मख़मूर थी,सागर की बस इक चाह में
वो बुझाती आज है, आँसू को पी कर तिश्नगी
Dr Bhagyashree Joshi
2
GHAZAL
मकाँ दिल को बनाने का, ये वा'दा रू-ब-रू कर के
मकीं घर छोड़ देते हैं, ये बातें कू-ब-कू कर के
Dr Bhagyashree Joshi
1
Happy Srivastava 'Ambar'
Prakamyan Gautam
DILBAR
Rituraj kumar
Manas Ank
Dipendra Singh 'Raaz'
Yashvardhan Mishra 'Hind'
Asad Akbarabadi
Ram Singar Malak
Vaseem 'Haidar'