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Zohair Ahmad Sahil

Top 10 of Zohair Ahmad Sahil

Zohair Ahmad Sahil

Top 10 of Zohair Ahmad Sahil

    दिल एक तो फ़ुन्कारी है
    जिस पर शरारत तारी है

    ये जो शिकारी हैं नए
    इन की सदाक़त प्यारी है
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    Zohair Ahmad Sahil
    10
    1 Like
    दुनिया बदल रही है
    नगरी ये चल रही है

    सब को बना कर अपना
    बातों से जल रही है

    रातों में हर दिए की
    लौ भी दहल रही है

    जो ज़िंदगी थी मेरी
    लड़की फिसल रही है

    बर्बाद कर के मुझ को
    ख़ुद तो सँभल रही है

    यादों के इस चमन में
    कितना वो ढल रही है

    ख़ुशियाँ मना रही थी
    मुझ को निगल रही है

    'जोहैर' क्या बताएँ
    अब वो पिघल रही है
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    Zohair Ahmad Sahil
    9
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    ये डरना कैसा डरना है
    जब मरना तो क्या जीना है
    Zohair Ahmad Sahil
    8
    1 Like
    हमें जी भर के पीने दो
    कुछ और दिन मुझ को जीने दो

    ये ज़ख़्म-ए-हिज्र है यारा
    इसे कुछ और सीने दो
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    Zohair Ahmad Sahil
    7
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    सर झुका कर मिलूँ मुझ को आता नहीं
    इस लिए उस के दिल को मैं भाता नहीं

    इंतिहा के क़रीं है मोहब्बत मेरी
    क्या करूँ मैं यक़ीं उस को आता नहीं

    जो मेरे पास होकर भी मेरा नहीं
    दर्द-ए-दिल में भी उस को सुनाता नहीं

    ख़्वाब था संग उस के कटे ज़िंदगी
    पर हक़ीक़त में वो पास आता नहीं
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    Zohair Ahmad Sahil
    6
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    इक दिया था ग़म में सजा हुआ अपने ही दम पर डटा हुआ
    जिस की दीद थी मेरी ज़िंदगी वो कहीं पर है सजा हुआ
    Zohair Ahmad Sahil
    5
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    अपनी मीज़ान बनाया था कभी
    ग़म को वीरान बनाया था कभी

    इक जहान उस ने सजाया था कभी
    हम को इंसान बताया था कभी

    ख़ैर-ओ-शर जिस
    में गिने जा सकते
    ऐसा मीज़ान बनाया था कभी

    जा के धरती पे बसेरा कर लो
    उस को फ़रमान बनाया था कभी

    जिस्म बेकार था मेरा जिस बिन
    वो मेरी जान बनाया था कभी
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    Zohair Ahmad Sahil
    4
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    तुम्हें दिल में बसाया तो सही
    तुम्हें अपना बनाया तो सही
    Zohair Ahmad Sahil
    3
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    ग़म को वीरान बनाया था कभी
    ऐसा ईमान बनाया था कभी
    Zohair Ahmad Sahil
    2
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    ज़ीस्त है मुझ से ख़फ़ा लेकिन गिला कोई नहीं
    मसअला ये है कि मेरा मसअला कोई नहीं

    कट रही है ज़िंदगी बेकार फ़ुर्सत में यूँ ही
    मश्ग़ला ये है कि मेरा मश्ग़ला कोई नहीं
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    Zohair Ahmad Sahil
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