ज़मानेपरनसहीदिलपेइख़्तियाररहे
दिखावोज़ोरकिदुनियामेंयादगाररहे
कहाँतलकदिल-ए-ग़मनाकपर्दा-दाररहे
ज़बान-ए-हालपेजबकुछनइख़्तियाररहे
निज़ाम-ए-दहरनेक्याक्यानकरवटेंबदलीं
मगरहमएकहीपहलूसेबे-क़राररहे
हँसीमेंलग़्ज़िश-ए-मस्तानाउड़गईवल्लाह
तोबे-गुनाहोंसेअच्छेगुनाहगाररहे
उभारतीहैहवसतौबा-ए-रिहाईकी
किदिलकेसाथज़बाँक्यूँँगुनाहगाररहे
दिखादूँचीरकेदिलदर्द-ए-दिलकहूँकबतक
ज़बाँपेक्यूँँयेतक़ाज़ा-ए-नागवाररहे
तड़पतड़पकेउठाऊँगाज़िंदगीकेमज़े
ख़ुदान-कर्दामुझेदिलपेइख़्तियाररहे
सज़ा-ए-इश्क़ब-क़द्र-ए-गुनाहना-मुम्किन
यहीबहुतहैकिबरहममिज़ाज-ए-याररहे
ज़मानाउसकेसिवाऔरक्यावफ़ाकरता
चमनउजड़गयाकाँटेगलेकाबाररहे
ख़िज़ाँकेदमसेमिटाख़ूब-ओ-ज़िश्तकाझगड़ा
चलोयेख़्वाबहुआगलरहेनख़ाररहे
जवाबदेकेनतोड़ोकिसीग़रीबकादिल
बलासेकोईसरापाउमीद-वाररहे
मज़ातोजबहै'यगाना'कियेदिल-ए-ख़ुदबीं
ख़ुदीकेनशेमेंबेगाना-ए-ख़ुमाररहे
'यगाना'हालतोदेखोज़माना-साज़ोंका
हवामेंजैसेबगूलाख़राब-ओ-ख़्वाररहे