प्रयाग में मिली है जमुना से आ के गंगा
पिघला हुआ ये नीलम बहता हुआ वो हीरा
इन की जुदाइयों ने खींचा है नक़्श-ए-जौज़ा
इन की रवानियाँ हैं शान-ए-ख़ुदा-एयकता
संगम की सीढ़ियों पर मोती लुढ़क रहा है
— Zafar Ali Khan
पिघला हुआ ये नीलम बहता हुआ वो हीरा
इन की जुदाइयों ने खींचा है नक़्श-ए-जौज़ा
इन की रवानियाँ हैं शान-ए-ख़ुदा-एयकता
संगम की सीढ़ियों पर मोती लुढ़क रहा है
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