जो अदब की है पहचान पढ़ता हूँ मैंमीर-ओ-ग़ालिब का दीवान पढ़ता हूँ मैंमत पढ़ाओ मुझे पाठ नफ़रत का तुमअम्न जिस में है क़ुरआन पढ़ता हूँ मैं— Zafar Siddqui