main rasman kah raha hoon phir milenge | मैं रस्मन कह रहा हूँ ''फिर मिलेंगे''

  - Zubair Ali Tabish

मैं रस्मन कह रहा हूँ ''फिर मिलेंगे''
ये मत समझो कि वादा कर रहा हूँ

  - Zubair Ali Tabish

Promise Shayari

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    दिल आबाद कहाँ रह पाए उस की याद भुला देने से
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