''यक़ीन है मुझे''
यक़ीन है मुझे ख़ुद पर तुझ पर और उस ख़ुदा पर
तू मिलेगा फिर वहीं छोड़ गया था जहाँ पर
मैं एकतरफ़ा प्यार शिद्दत से निभाऊँगा
तू नहीं चाहती तो मेरे मरने की दुआ कर
सब तो मिट्टी होंगे चाहे दफ़नाकर या जलाकर
तू भी मिलेगा फिर वहीं छोड़ गया था जहाँ पर
यक़ीन है मुझे ख़ुद पर तुझ पर और उस ख़ुदा पर
मैं और याद आऊँगा ये मेरा वा'दा है तुझ से
तू एक बार भूलने की कोशिश तो कर भुलाकर
मर जाऊँगा तो ये जिस्म तो सो जाएगा क़ब्र में
मगर मुहब्बत रूह को ले कर आएगी शायद जगाकर
इस लिए भी मैं ने तुझे जाने दिया था उस के पास
मज़ा ही क्या किसी को पाना वो भी रुला कर
तू याद भी कर ले तो बस मुझे इश्क़ मुकम्मल है
चल याद कर ले मुझ को तू इतनी सी दया कर
मेरा इश्क़ देख कर ख़ुदा अगले जनम ये करेगा
तेरा मेरा नाम साथ लिख देगा उस का मिटाकर
यक़ीन है मुझे ख़ुद पर तुझ पर और उस ख़ुदा पर
तू मिलेगा फिर वहीं छोड़ गया था जहाँ पर















